June 13, 2024

  • प्रख्यात लेखक चेतन भगत, आकाश-बायजूस के एएनडी अजय शर्मा, रीजनल हेड अखिलेश दीक्षित, एआईआर-1 रेंकर रहे चिराग फेलोर ने लोंच किया नया अध्याय

कोटा, 6 जनवरी। आकाश-बायजूज अब कोटा में भी नीट के साथ आईआईटी-जेईई और फाउंडेशन कोर्स की तैयारी भी करवाएगा। संस्थान द्वारा अपने इस नये अध्याय का शुभारंभ शुक्रवार को कोटा के यूआईटी ऑडिटोरियम में समारोहपूर्वक किया गया। इस नई शुरूआत का मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर व नॉवेल राइटर चेतन भगत, आकाश-बाजजूज जेईई के एनएडी अजय शर्मा, कोटा रीजनल डायरेक्टर अखिलेश दीक्षित और आकाश-बायजूज के ही वर्ष 2020 में नीट एआईआर फस्ट रेंकर रहे छात्र चिराग फलोर ने पोस्टर का विमोचन कर किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत रूप से भगवान गणेश की वंदना एवं मां सरस्वती का पूजन कर किया।
इस अवसर पर आकाश-बायजूज के कोटा रीजनल डायरेक्टर अखिलेश दीक्षित ने अपने स्वागत उद्बोधन मंे कहा कि कोटा आईआईटी-जेईई की तैयारी के लिए पूरे देश में विख्यात है। स्टूडेंट्स की पहली पसंद कोटा है। आकाश-बायजूज ने कोटा में नीट परीक्षा की तैयारी मंे हर वर्ष अपने सफलता के झंडे गाड़कर अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा है। अब आकाश आईआईटी-जेईई और फाउंडेशन कोर्स की तैयारी कर युवाओं के सपने को साकार कर उनका कॅरियर बनाएगा।
पोस्टर विमोचन के बाद रंगारंग सांस्कृतिक प्रोग्राम का आयोजन हुआ।

नेशनल हेड बोले-सफलता के लिए ईमानदार मेहनत जरूरी
आकाश-बायजूज के नेशनल अकेडमिक डायरेक्टर आईआईटी जेईई अजय शर्मा ने कार्यक्रम में मौजूद स्टूडेंट्स को देश की सबसे कठिन परीक्षा आईआईटी-जेईई की तैयारी और उसे क्रेक करने के टिप्स दिये।
उन्होंने कहा कि एक मिथ होता है कि टेलेंट जन्मजात होता है। जबकि फैैक्ट है कि टैलेंट क्रियेट किया जा सकता है। अगर स्टूडेंट कुछ बनना चाहता है तो उसे अपने आपसे ईमानदारी रखनी होगी। उन्होंने सक्सेस होने के तीन मंत्र दिये। पहला डेली प्रेक्टिस, मोटिवेटिव फेक्टर और मेंटर। उन्होंने कहा कि यदि स्टूडेंट प्रतिदिन एक प्रतिशत भी ज्यादा पढ़ाई करने की सोच बनाए तो उसका आउटपुट जरूर मिलेगा।
स्टूडेंट्स को मोटिवेट होने के लिए अपने पेरेंट्स, टीचर या फ्रेंड जिससे आप मोटिवेट होते हैं उससे रोजाना कनेक्ट रहें। तीसरा स्टूडेंट को मेंटर चाहिए, मेंटर माता-पिता, टीचर, फ्रेंड कोई भी हो सकता है जो आपको राह दिखाएं।अच्छा मेंटर मिल जाता है तो इन्वायरमेंट अपने आप चेंज हो जाता है।
उन्होंने आकाश सिस्टम के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर आकाश-बायजूज के नीट एक्जाम के एआईआर फस्ट रेंकर चिराग फलोर ने अपने जीवन के यात्रा संघर्ष और सफलता के बारे मंे विस्तृत जानकारी दी। और स्टूडेंट्स की जिज्ञासाओं पर आधार सवालों के जवाब दिये।

जीवन में कुछ बनोगे तभी लाइफ में इंजोय मिलेगा – चेतन भगत
मोटिवेशन स्पीकर और प्रख्यात लेखक चेतन भगत कोटा में शुक्रवार को आकाश-बायजूज के आईआईटी-जेईई और फाउंडेशन कोर्स के शुभारंभ के अवसर पर यूआईटी ऑडिटोरियम में कोचिंग छात्रों से रूबरू हुए। उन्होंने स्टूडेंट्स को लाइफ में समय प्रबंधन और अपने गोल के प्रतिदिन ईमानदारी से मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या सफल व्यक्तित्व की सफलता के पीछे उस व्यक्ति की अपनी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार फोकस करना होता है। तभी जाकर कोई मुकाम मिलता है।
उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि अगर आप सोचते हो कि मुझे जिंदगी में कुछ बनना है और उस पर लगातार फोकस और मेहनत करोगे तो आप कुछ वर्षों मंे मेहनत में कुछ बन जाओगे। इसलिए अपने ब्रेन को सही दिशा में लगाना चाहिए, वरना अपनी दिशा से भटकने पर लुक्खे बन जाओगे।
उन्होंने कहा कि दिगाम सभी का एक जैसा ही होता है, सफल लोग अपने ब्रेन को सही दिशा में और असफल लोग उसे गलत दिशा में लगाते हैं। यह फर्क होता है सफल और असफल व्यक्तियों के बीच। उन्होंने कहा कि अगर आप ब्रेन को रीप्रोग्राम करो, कि मुझे लाइफ में इमिजेएट मजे नहीं चाहिए तो फिर आपके लाइफ की जर्नी बहुत आसान हो जाती है। इसी आधार पर मैंने जेईई, आईआईएम, फिल्में, बुक लिखी, मोटिवेशनल स्पीकिंग में कॅरियर बनाया और अब यूट्यूब चैनल स्टार्ट किया है।
उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि अभी आप अपना पूरा फोकस पढ़ाई पर रखो, सोशल मीडिया या रील बनाने या लाईक और कमेंट करने से कुछ हासिल नहीं होगा, इसमें सिर्फ आपका समय ही बर्बाद हो रहा है, जिस लड़की को आप इंस्टा पर लाइक कर रहे हो, वो आपको कभी कुछ नहीं देगी। लेकिन ये जो अभी आपका वक्त है वो निकल तो फिर कभी वापस लौटकर नहीं आएगा। इन दिनों यदि आपने अपना पूरा फोकस अपने गोल पर कर लिया तो जिसकी आशा और सपने आपने देखे हैं वो बंगला, गाड़ी, पैसा, गर्लफ्रेंड सब आपके पास अपने आप चले आएंगे। आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। और यदि आपने अभी अपना समय सोशल मीडिया पर लगा दिया तो आप सफल व्यक्ति नहीं लुक्खे बन जाओगे। फिर क्या करोगे लाइफ में।
उन्होंने कहा कि यह सबकुछ साइंटिफिक है, हम आज जो कुछ करेंगे, उसका परिणाम आने वाले वक्त में सामने होता है। अगर अपना ब्रेन सही दिशा मंे पॉजीटिव तरीके से लक्ष्य तय कर काम करेंगे, पढ़ाई करेंगे तो परीक्षा में अपना सफल होना तय है, यदि भटकाव आ गया तो फेल होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
अगर आपके पास दिनभर में 15 घंटे काम के हैं, चार-पांच घंटे सोशल मीडिया पर लगा दिये तो लाइफ वनथर्ड हो गई। अपनी जिंदगी बर्बाद करना इंडिया मंे लीगल है, आपको नहीं पढ़ना है तो मत पढ़ो, अपनी हेल्थ गंवानी है तो गंवा दो, सरकार नहीं रोकेगी। सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी कंपनियां आपको भटकाती हैं, आपका ध्यान लगाने के लिए रील दिखाते हैं, तो लड़कियों की फोटो दिखाकर आप चले आआगे। पर वो तो पैसे कमा रहे हैं, आपका तो कुछ नहीं हो रहा है।
आप अपना ध्यान तीन घंटे किसी भी चीज मंे लगा तो रोजाना। वो ध्यान एक साल में आपको कहां से कहां लेकर जाएगा। जो तीन साल मेहनत करेगा, इंस्टाग्राम पर टाइम वेस्ट नहीं करेगी। उसकी सेलरी पांच-दस साल में लाखों गुना हो सकती है, और जिसने आप टाईम वेस्ट किया उसकी सेलरी 25 हजार प्रतिमाह होगी। यही रियलिटी है। मजे करने हैं पर अपने कंट्रोल मंे करो। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि साधु बन जाओ, फिर जिंदगी का क्या फायदा है। मैं आधा घंटा रोज रील करता हूं पर यह मुझे कंट्रोल नहीं कर रही मैं इसे कंट्रोल करता हूं। उन्होंने सुझाव किया कि करना है तो ब्रेन को रिलेक्स करना है तो स्पोट्स, म्यूजिक, रीडिंग ब्रेन को ज्यादा रिलेक्स करते हैं, अगर आप पढ़ाई कर-करके पक गए हैं तो आपको कुछ रिलेक्सेशन चाहिए तो करो। लेकिन माइंडलेस वाली मत करो। क्योंकि आपका ब्रेन इससे रिलेक्स नहीं हो रहा। और सबसे अच्छा होता है सोना। कम नींद लेने वाला आदमी कभी खुश नहीं होता।